देहरादून। वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट को बिना किसी सर्च वारंट या नोटिस के सुबह तड़के घर से उठाने और 12 घंटे तक पूछताछ करने का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। इस उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से नाराज पत्रकारों के एक दल ने सूचना महानिदेशक (DG) बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर हस्तक्षेप और न्याय की मांग की है।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने पुलिस को दी कड़ी चेतावनी
इस पूरे प्रकरण में उस समय एक नाटकीय मोड़ आया जब हरिद्वार से भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पत्रकार के समर्थन में उतर आए। उन्होंने एक वीडियो बयान जारी कर पुलिस की इस कार्रवाई को ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और कहा कि पुलिस इस तरह की हरकतों से प्रदेश सरकार की छवि खराब कर रही है।
“प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। छोटे बच्चों के सामने पत्रकार हेम भट्ट को घसीट कर ले जाना निंदनीय है, जिससे उनका पूरा परिवार सदमे (ट्रामा) में है। मैं हर स्तर पर हेम भट्ट की मदद के लिए तैयार हूँ।” — त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री
उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक शिकायती पत्र भी लिखा है। त्रिवेंद्र के अलावा भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने भी पत्रकार का खुलकर समर्थन किया है।
पत्रकारों की मांग: या तो सबूत दें या माफी मांगें
मंगलवार को मीडिया सेंटर में डीजी सूचना बंशीधर तिवारी से मिले पत्रकारों ने साफ कहा कि अगर हेम भट्ट का भू-माफिया प्रदीप सकलानी से कोई संबंध नहीं है, तो संबंधित अधिकारियों को लिखित में सच सार्वजनिक कर माफी मांगनी चाहिए। वहीं, यदि वे दोषी हैं तो पुलिस को पुख्ता सबूत पेश करने चाहिए। पत्रकारों ने दबिश देने गए पुलिसकर्मियों के नामों का खुलासा करने की भी मांग की है।
मामले की जांच कर उचित हल निकाला जाएगा: डीजी सूचना
पत्रकारों की शिकायत सुनने के बाद डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने आश्वासन दिया कि सरकार हमेशा पत्रकारों के हितों के प्रति संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि यह घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी जानकारी ली जाएगी और जल्द ही पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर पत्रकारों के सम्मान को बरकरार रखते हुए उचित हल निकाला जाएगा।
मानवाधिकार आयोग पहुंचे पत्रकार हेम भट्ट
उधर, पीड़ित पत्रकार हेम भट्ट ने सोमवार को मानवाधिकार आयोग और पुलिस शिकायत प्राधिकरण में अपनी शिकायत दर्ज करा दी है। हेम भट्ट ने कहा, “दून पुलिस मेरी बेगुनाही का सबूत दे। जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता, मेरा संघर्ष जारी रहेगा।”





