क्या ‘छात्रों’ को ‘साला’ कहना पड़ेगा भारी? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान पर सियासी संग्राम
देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कथित बयान, जिसमें छात्रों के लिए आपत्तिजनक शब्द “साला” इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है, अब उत्तराखंड की राजनीति में नया विवाद बनता दिख रहा है। बयान सामने आने के बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने इसे छात्रों का अपमान बताते हुए भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या महेंद्र भट्ट का यह बयान भाजपा के लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बनेगा। विपक्ष का कहना है कि जिस युवा वर्ग को भाजपा अपने साथ जोड़ने की बात करती है, उसी वर्ग के प्रति इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है।
छात्र संगठनों ने भी बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि बयान सही है तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। वहीं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल इसे युवाओं के सम्मान से जोड़कर सरकार और संगठन पर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यदि पार्टी की ओर से सफाई या बयान जारी किया जाता है तो विवाद की दिशा बदल सकती है।
अब देखने वाली बात होगी कि यह बयान केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या आने वाले दिनों में भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भी भुगतना पड़ता है।





