हल्द्वानी/उधमसिंहनगर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील सितारगंज में तैनात दो कर्मचारियों को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को उनके कार्यालय से ही ट्रैप कर हिरासत में लिया गया।
सतर्कता अधिष्ठान को शिकायत मिली थी कि तहसील सितारगंज में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा एक व्यक्ति से भूमि कुर्की की कार्रवाई समाप्त कराने, जमीन को बंधनमुक्त कराने तथा उसकी पत्नी के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण पर जारी आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) की कार्रवाई रुकवाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा ने इस कार्य के लिए 10,000 रुपये तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा ने 6,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत का सत्यापन करने पर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
29 जुलाई 2026 को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को शिकायतकर्ता से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए तहसील सितारगंज कार्यालय से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी मदन लाल शर्मा पुत्र किशोरी लाल शर्मा, निवासी बोरिंगवाली गली, सितारगंज तथा भूपेन्द्र सिंह राणा पुत्र प्रताप सिंह राणा, निवासी आमखेड़ा पट्टी बलखेड़ा, नानकमत्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सतर्कता अधिष्ठान ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने वैधानिक कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है या भ्रष्टाचार में लिप्त है, तो उसकी सूचना तत्काल विजिलेंस को दें, ताकि ऐसे लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।





