देहरादून एयरपोर्ट पर बढ़ेंगी सुविधाएं, सुरक्षित उड़ानों और बढ़ते एयर ट्रैफिक को मिलेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का सहारा
देहरादून: देहरादून एयरपोर्ट पर आने वाले दिनों में यात्रियों और विमान सेवाओं से जुड़ी सुविधाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एयरपोर्ट प्रशासन ने प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी साझा की। एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि एयरपोर्ट पर जल्द ही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा। इनमें अत्याधुनिक रडार, इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम और नई एटीसी बिल्डिंग प्रमुख हैं।
देहरादून एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक रडार स्थापित किया जाएगा। यह रडार एयरपोर्ट पर आने और यहां से उड़ान भरने वाले विमानों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नई तकनीक से विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ में एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बेहतर सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे एयरपोर्ट की विमान संचालन क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।
आधुनिक इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम भी होगा स्थापित
विमानों की आवाजाही को और सुगम बनाने के लिए एयरपोर्ट पर आधुनिक Instrument Landing System (ILS) स्थापित करने की योजना है। यह सिस्टम खराब मौसम और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में विमानों की लैंडिंग प्रक्रिया में सहायता करता है। इससे विमान संचालन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
नई ATC बिल्डिंग से बढ़ेगा एयर स्पेस
देहरादून एयरपोर्ट के विस्तार के तहत नई Air Traffic Control (ATC) Building का निर्माण भी किया जाएगा। नई एटीसी बिल्डिंग बनने के बाद एयरपोर्ट का एयरस्पेस बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल एक साथ अधिक उड़ानों को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेगा। एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या और हवाई यातायात बढ़ने के साथ यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कमर्शियल वाहनों के टोल में बड़ी कटौती
देहरादून एयरपोर्ट पर कमर्शियल वाहनों के प्रवेश शुल्क में भी बड़ी राहत दी गई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने वाहनों के टोल शुल्क के लिए नए टेंडर जारी किए हैं। नए प्रावधान के तहत अब कमर्शियल वाहनों को एयरपोर्ट में प्रवेश के लिए 80 रुपये का भुगतान करना होगा। पहले यह शुल्क 345 रुपये था। इस तरह कमर्शियल वाहनों के प्रवेश शुल्क में 265 रुपये की कमी की गई है।
कम टोल से वाणिज्यिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट प्रशासन का यह फैसला कमर्शियल वाहनों के लिए राहत वाला माना जा रहा है। शुल्क में कमी से एयरपोर्ट से जुड़ी वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। टैक्सी, कैब और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए प्रवेश शुल्क कम होने से एयरपोर्ट आने-जाने की लागत पर भी इसका असर पड़ सकता है।
देहरादून एयरपोर्ट के विस्तार पर फोकस
अत्याधुनिक रडार, इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम और नई एटीसी बिल्डिंग जैसी योजनाओं से देहरादून एयरपोर्ट की तकनीकी और परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद एयरपोर्ट पर हवाई यातायात को अधिक प्रभावी ढंग से संभालने और विमानों के सुरक्षित संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।




