प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हवन-पूजन कर की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना
हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्याश्रम संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार की प्राचीन दिव्य यज्ञशाला में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड शासन के संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन सचिव दीपक कुमार गैरोला ने हवन-पूजन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
इस अवसर पर सचिव दीपक कुमार गैरोला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन कर्मयोग और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरित होने का अवसर है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में प्रधानमंत्री की सेवा, समर्पण और श्रद्धा अनुकरणीय है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देता है।
संस्कृत छात्रों को हीन भावना से बचने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान संस्कृत छात्रों को संबोधित करते हुए दीपक कुमार गैरोला ने कहा कि संस्कृत के विद्यार्थियों को स्वयं को किसी भी स्तर पर हीन भावना से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत छात्रों के विकास और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रोफेसर विनय विद्यालंकार ने वेदों के महत्व और यज्ञ की प्राचीन विधाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय ज्ञान परंपरा एवं प्राचीन भारत के विकास मॉडल के आधार पर विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती पहचान के पीछे प्रधानमंत्री का कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण है।
रूस से आए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राजीव गुप्ता ने कहा कि आज भारत को न केवल देश में, बल्कि विश्व स्तर पर भी सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त भारत के निर्माण में संस्कृत भाषा और संस्कृत परंपरा से जुड़े लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट
कार्यक्रम के दौरान ऋषिकुल विद्यापीठ के सचिव एवं नगर मजिस्ट्रेट हरिगिरि ने अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ऋषिकुल विद्यापीठ के प्रधानाचार्य डॉ. बलदेव प्रसाद चमोली ने की, जबकि संचालन डॉ. नवीन चंद्र पंत ने किया।
इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा के उपनिदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य, श्रीमती गैरोला, आचार्य चूड़ामणि परगाईं, भास्कर शर्मा, महेश बहुगुणा, रमेश जोशी, उमा जोशी, चंपा जोशी, मनोज कुमार शर्मा, दीपक नागर, अमित शर्मा, सोहन शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।





