देहरादून। मानसून की विदाई से पहले उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। खासकर कुमाऊं मंडल में मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने रविवार को देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका है। राज्य के अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार खराब मौसम को देखते हुए रविवार को चारधाम यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है।
टिहरी, उत्तरकाशी और चमोली में लगातार बारिश
नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार सुबह से लगातार बारिश होती रही। उत्तरकाशी जिले के अधिकांश तहसील क्षेत्रों में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहा। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से लगी ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है।
बारिश और बर्फबारी के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्बिल के पास पत्थर आने से बाधित हो गया। सूचना मिलने के बाद एनएच विभाग ने मौके पर मशीनरी भेजी है।
चमोली जिले में भी पिछले दो दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। गढ़वाल क्षेत्र में भी पिछले 27 घंटे से अधिक समय से बारिश जारी है।
कुमाऊं में कई सड़कें बंद
नैनीताल में लगातार बारिश के कारण हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग डोलमार और ज्योलीकोट के पास बंद हो गया। पिथौरागढ़ में घाट क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग बाधित है। जिले में करीब 13 सड़कें बंद होने की सूचना है।
चंपावत में बारिश का दौर जारी है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग अभी सुचारू है, लेकिन तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं। बागेश्वर में कांडा-खाईखाल के पास पहाड़ी से भूस्खलन के कारण मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे गरुड़-बागेश्वर राष्ट्रीय मार्ग बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
बनबसा में 130 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे में चंपावत के बनबसा में सबसे अधिक 130 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। टनकपुर में 113 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। वहीं पौड़ी के रिखणीखाल में पांच मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भी अधिकांश स्थानों पर 50 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
बारिश के कारण तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री और पंतनगर में 11 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।
रविवार को चारधाम यात्रा बंद
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए रविवार को चारधाम यात्रा रोक दी गई है। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने यात्रा रोकने के आदेश जारी किए हैं।
बदरीनाथ धाम समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात जारी है। धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी गांवों में भी बर्फबारी हुई है। इससे ऊंची चोटियां बर्फ से ढक गई हैं और इन क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है।
भूस्खलन की आशंका को देखते हुए मां पूर्णागिरि धाम के कपाट भी अग्रिम आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं आदि कैलास और ओम पर्वत दर्शन यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट 26 अक्टूबर तक बंद किए जाने की जानकारी दी गई है।
खराब मौसम से हवाई सेवाएं भी प्रभावित
खराब मौसम का असर देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। शनिवार को एयर इंडिया की मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु से आने वाली कुछ उड़ानों को दिल्ली डायवर्ट किया गया। एयर इंडिया एक्सप्रेस की दिल्ली से आने वाली एक उड़ान भी निरस्त रही।
हालांकि मौसम में सुधार के बाद कुछ उड़ानें देरी से देहरादून पहुंचीं। इंडिगो और एयर इंडिया की कई उड़ानों का संचालन बाद में किया गया।
अगले 36 घंटे अहम
मौसम विभाग के अनुसार अगले 36 घंटे उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। देहरादून, पौड़ी और टिहरी में अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। सोमवार को उत्तरकाशी, देहरादून और हरिद्वार में तेज बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश, भूस्खलन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।




