Uttarakhand Budget 2026-27 : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 11.41 फीसदी अधिक है। राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब राज्यपाल का अभिभाषण और बजट प्रस्तुतीकरण एक ही दिन संपन्न हुए। सुबह 11 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) के संबोधन के बाद दोपहर 3 बजे सीएम धामी ने बजट पेश किया। मुख्यमंत्री ने इस बजट को SANTULAN (संतुलन) (समावेशी विकास, आत्मनिर्भर, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव-शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था) का नाम दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस GYAN यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति पर है। सीएम ने कहा कि यह बजट विकल्प रहित संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में एक सुनियोजित कदम है।
नारी सशक्तीकरण पर विशेष जोर
बजट का एक बड़ा हिस्सा महिला कल्याण और सुरक्षा के लिए आवंटित किया गया है। इसमें नन्दा गौरा योजना के लिए 220 करोड़, प्रसूता सहायता (ईजा-बोई शगुन योजना) के लिए 122 करोड़ और प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट (30 करोड़), बाल पोषण (25 करोड़), आंचल अमृत योजना (15 करोड़) और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अल्पसंख्यकों के लिए मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत 3.76 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए विभाग को 4252.50 करोड़ रुपये दिए गए हैं जबकि ढांचागत विकास (पूंजीगत मद) के लिए 195 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वर्तमान में बागेश्वर जिला चिकित्सालय समेत डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और नैनीताल में अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और नई योजनाओं पर काम चल रहा है।
सीएम ने गिनाईं उपलब्धियां
बजट भाषण के दौरान सीएम ने सरकार के पहली बार लिए गए फैसलों को गिनाया। उन्होंने 27 जनवरी 2025 को UCC लागू करने, देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून बनाने, अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 के तहत मदरसा बोर्ड समाप्त करने और सरकारी जमीनों को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मुक्त कराने का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने नीति आयोग के सतत विकास इंडेक्स में उत्तराखंड के पहले स्थान पर आने को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया।
विपक्ष का विरोध
बजट सत्र के पहले दिन सदन के बाहर भारी हंगामा भी देखा गया। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग, भर्ती घोटाले, बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, बिजली दरों में वृद्धि और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया।
बजट 2026-2027 की खास-खास बातें
बजट वृद्धि: पिछले वर्ष की तुलना में 11.41% की बढ़ोतरी।
नन्दा गौरा योजना: 220.00 करोड़।
ईजा-बोई शगुन योजना (प्रसूता सहायता): 122 करोड़।
प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना : 47.78 करोड़।
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना : 30.00 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना : 25.00 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना : 13.44 करोड़।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना : 15.00 करोड़।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज (चंपावत) : 10.00 करोड़।
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन: 3.76 करोड़।
स्वास्थ्य विभाग का प्रावधान
कुल बजट आवंटन: 4252.50 करोड़।
पूंजीगत मद (निर्माण/मशीनरी): 195 करोड़।
सक्रिय परियोजनाएं: बागेश्वर जिला चिकित्सालय समेत डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और नैनीताल के अस्पतालों में सुधार कार्य जारी।
युवा कल्याण के लिए खोला खजाना
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- 60.00 करोड़
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए- 10.00 करोड़
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतु- 62.29 करोड़
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान- 155.38 करोड़
शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान- 10.00 करोड़
सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना- 10.00 करोड़




