हल्द्वानी। गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर हुई लाखों रुपये की डकैती के मामले में नैनीताल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर गठित पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए डकैती के मास्टरमाइंड यश सिडाना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस, लूटी गई नकदी और वारदात में प्रयुक्त क्रेटा व स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की है। सूचना मिलते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। मामले में अम्बा विहार, तीनपानी निवासी नारायण दास की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर संख्या 284/26, धारा 310(2) बीएनएस के तहत 10 अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक बदमाशों ने गोरापड़ाव स्थित उनके कार्यालय/गैराज में डकैती डालकर करीब 8 लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन तथा सोने की तीन चेन और अंगूठी समेत अन्य सामान लूट लिया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने तत्काल करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी समेत विभिन्न थाना प्रभारियों, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों को शामिल किया गया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल की जांच के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और आरोपियों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया। इसी क्रम में 21 अगस्त को वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में दबिश के लिए रवाना किया गया।
जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस ने 22 अगस्त को अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को नई दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर-जैतपुर मोड़ से गिरफ्तार किया, जबकि 23 अगस्त को यश सिडाना को हल्द्वानी और अफजल मलिक को किच्छा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने डकैती की घटना में शामिल होना स्वीकार किया।
आरोपियों के कब्जे से बरामदगी
पुलिस के मुताबिक यश सिडाना के कब्जे से क्रेटा कार UK-06-BE-9091, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। अमनदीप सिंह से स्कॉर्पियो DL-1CA-1984, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले।
वहीं शिवराज सिंह के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस, जबकि अफजल मलिक के कब्जे से 18 हजार रुपये नकद, एक 12 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है।
गिरफ्तार आरोपी
- यश सिडाना, पुत्र विजय कुमार, निवासी बैंक ऑफ बड़ौदा के पास, किच्छा, जिला ऊधम सिंह नगर, उम्र 24 वर्ष।
- अमनदीप सिंह, पुत्र हरवंश सिंह, निवासी जैतपुर गांव, नई दिल्ली, उम्र 21 वर्ष।
- शिवराज सिंह, पुत्र प्रीतपाल सिंह, निवासी सदरपुर, थाना अमरिया, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश, उम्र 21 वर्ष।
- अफजल मलिक, पुत्र अमजद हुसैन, निवासी बक्सपुर, थाना अमरिया, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश, उम्र 21 वर्ष।
पुलिस के अनुसार, यश सिडाना के खिलाफ वर्ष 2022 में किच्छा थाने में मारपीट, रास्ता रोकने और धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
एसएसपी नैनीताल ने डकैती की घटना के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2,500 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों और लूटे गए शेष सामान की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई में जुटी है।





