जांच के बाद दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग में हड़कंप
देहरादून। मुख्यमंत्री कार्यालय को दी गई शिकायत से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मामला अवैध नियुक्ति और वित्तीय अनियमितता का है। जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी जांच को लेकर आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है। उम्मीद है कि शुक्रवार को सीबीसीआईडी से जांच करने से जुड़ा आधिकारिक पत्र जारी कर दिया जाएगा।
अशासकीय विद्यालयों में अवैध नियुक्ति और अनियमित का मामला वैसे तो कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार बात सीबीसीआईडी जांच तक पहुंच गई है। हालांकि शिक्षा विभाग के स्तर पर इसके लिए कोई कदम उठाए जाने की बजाय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए आदेश किए हैं। बात पौड़ी के अशासकीय विद्यालय की है, जिसमें गलत तरीके से नियुक्ति की बात सामने आई है। हैरत की बात यह है कि यह मामला पहले ही शिक्षा विभाग के संज्ञान में आ गया था। इस पर जांच भी की गई थी लेकिन आगे मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। यह बात एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाई। जिसके बाद सीएम धामी ने इस पर जांच के निर्देश दिए हैं। आरोप लगाया गया है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्तियां दी गई। अशासकीय इंटर कॉलेज जाखेटी और इंटर कॉलेज डांगीधार में लिपिक के पद पर गलत तरीके से नियुक्ति की शिकायत की गई है। यहां लिपिक के अलावा शिक्षिका की भी गलत प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति की बात कही गई है। अब मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को संदर्भ में सीबीसीआईडी जांच करने के निर्देश दिए हैं। अभी इस मामले में आधिकारिक रूप से जांच सीबीसीआईडी को नहीं सौंपी गई है।
मामला अवैध नियुक्ति और करोड़ों के भ्रष्टाचार से जुड़ा है. लिहाजा इसे अब बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि प्रकरण पर सीबीसीआईडी जांच कराने से जुड़े निर्देश मिले हैं। अभी इसपर जांच के लिए आधिकारिक आदेश करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले भी अशासकीय विद्यालयों को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों में गड़बड़ी की बातें सामने आती रही है। कभी इस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में अब मान जा रहा है की पौड़ी के इस अशासकीय विद्यालय में गड़बड़ी पाई जाती है तो सीबीसीआईडी के स्तर पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।




