मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा श्री गणेश
अनंत आवाज ब्यूरो
उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर चारधामों में प्रमुख गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना के साथ खुलने के साथ ही उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां एक ओर पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर तो नहीं दूसरी ओर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं इस पल के साक्षी बने।
गंगोत्री एवं यमुनोत्री दोनों ही धामों में पहले ही दिन रविवार को करीब 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं दर्शनों का लाभ उठाया। चाधाम की पावन परंपरानुसार शनिवार को शीतकालीन प्रवास मुखवा (मुखीमठ) से मां गंगा की उत्सव डोली यात्रा पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ 14वीं राजपूताना राइफल्स के आर्मी बैंड की धुनों पर गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान रात्रि विश्राम भैरोंघाटी स्थित भैरव मंदिर में करने के बाद सुबह मां गंगा की उत्सव डोली यात्रा रविवार सुबह धाम के लिए रवाना हुई, धाम में पहुंचने के बाद श्री गणेश पंचांग पूजन, श्री गंगा सहस्त्रनाम पाठ किया गया। इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर्षिल हेलीपैड पर उतरकर सड़क मार्ग से गंगोत्री धाम पहुंचे, जहां वह हजारों की संख्या में गंगोत्री धाम के दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालुओं के साथ कपाटोद्घाटन के पावन पल के साक्षी बने। ठीक 12:15 बजे शुभ बेला पर गंगोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले गए।
वहीं दूसरी ओर मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली(ऊखीमठ) से सुबह साढ़े आठ बजे मां यमुना की डोली अपने भाई शनि सोमेश्वर देवता की डोली की अगवानी में यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। पूरे क्षेत्र में पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं आईटीबीपी के बैंड की मधुर धुनों के बीच जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ऊखीमठ से प्रस्थान के बाद डोली यात्रा यमुनोत्री धाम पहुंची, जहां हवन-पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इसके पश्चात निर्धारित शुभ लग्न में 12:35 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए। कपाटोद्घाटन के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कपाट खुलते ही धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई और पूरे क्षेत्र में आस्था व उत्साह का माहौल बन गया।
इधर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी। आज अभिजीत मुहूर्त, कृतिका नक्षत्र और आयुष्मान योग का शुभ संयोग भी है। इस तिथि पर मंदिरों के कपाट खुलना सबसे पुण्यदायी माना जाता है।
श्री महाराज ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में चारधाम यात्रा में आने का अनुरोध करते हुए यात्रा के दौरान अपना QR कोड वाला रजिस्ट्रेशन पास एवं आधार कार्ड अनिवार्य रूप से साथ लाने और समय-समय पर यात्रा के दौरान जारी होने वाली एसपी का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन, हेल्थ चेकअप और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। 50 साल से ऊपर या बीमार लोगों को यात्रा के समय अपना हेल्थ चेकअप सर्टिफिकेट साथ रखेंने को कहा गया है। यात्रा से पहले BP, शुगर और हार्ट के मरीजों को हेल्थ चेकअप का सुझाव भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग में 108 एम्बुलेंस हर रूट पर तैनात हैं। आपात स्थिति में इनकी मदद अवश्य लें। श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम का तापमान 5°C से 15°C के बीच रहता है, रात में 0°C तक गिर सकता है। इसलिए यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, जैकेट, टोपी, दस्ताने, मफलर आदि भी अपने साथ अवश्य रखें।
यात्रियों को हिदायत देते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि धामों में शराब, मांसाहार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस बात का अवश्य ध्यान रखें और धामों को प्रदूषित न करें साथ ही यात्रा के दौरान प्लास्टिक एवं अन्य कचरा नियत स्थान पर ही डालें। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में मौसम कभी भी बदल जाता है इसलिए यात्री रेनकोट/छाता अपने साथ रखें और आपातकाल के लिए अपने पास आपदा कंट्रोल रूम 1070, 1077, पुलिस हेल्पलाइन 112, मेडिकल 108 और चारधाम हेल्पलाइन 0135-1364 फोन नम्बरों को भी अवश्य रखें।
इस अवसर पर गंगोत्री धाम में सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, डीएम प्रशांत आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्र तथा यमुनोत्री में यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष श्याम डोभाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान आदि मौजूद रहे।





