देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में वृद्धि का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार की तर्ज पर 01 जनवरी 2026 से राज्य सरकार के कार्मिकों एवं पेंशनरों को देय महंगाई भत्ते की दर 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रतिमाह किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कार्मिकों और उनके परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय को लगातार बढ़ती महंगाई के बीच राहत भरे कदम के रूप में देखा जा रहा है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं, दवाइयों, परिवहन और घरेलू खर्चों में वृद्धि के कारण लंबे समय से कर्मचारी संगठनों और पेंशनर मंचों द्वारा महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी। अब सरकार की मंजूरी के बाद जनवरी 2026 से बढ़ी हुई दर लागू मानी जाएगी और कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिलने की संभावना है।
उत्तराखंड में पेंशन व्यवस्था लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। राज्य गठन के बाद से पुरानी पेंशन योजना और नई पेंशन प्रणाली को लेकर समय-समय पर कर्मचारी संगठनों द्वारा आंदोलन किए जाते रहे हैं। पुरानी पेंशन योजना के समर्थकों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय ही बुजुर्ग कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सहारा होती है। वहीं नई पेंशन प्रणाली में बाजार आधारित निवेश के कारण भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। ऐसे में महंगाई राहत में बढ़ोतरी को पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी मासिक आय में सीधा इजाफा होगा।
वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त संस्थानों के पात्र कार्मिकों तथा पेंशनरों को मिलेगा। आदेश जारी होने के बाद संबंधित विभागों में भुगतान प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार के इस फैसले का कर्मचारी संगठनों और पेंशनर संगठनों ने स्वागत किया है और इसे महंगाई के दौर में राहत देने वाला निर्णय बताया है।





