THDC-एनटीपीसी की इस परियोजना में टीआरटी में सरिया वेल्डिंग के दौरान मलबा और पानी टनल में आ गया। जिला प्रशासन की निगरानी में SDRF-NDRF, ITBP ने संभाला मोर्चा, सीएम कर रहे बचाव अभियान की मॉनिटरिंग।
उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। पीपलकोटी के पास अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी (टेल रेस टनल) में सरिया वेल्डिंग के दौरान भारी भूस्खलन होने से कई मजदूर फंस गए। जानकारी के अनुसार, टनल में 22 मजदूर फंसे थे, देर रात सभी 22 मजदूरों को निकाला गया, इनमें से छह की मौत हो गई। जिला अस्पताल में 15 मजदूर भर्ती हैं। जबकि एक को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

THDC-एनटीपीसी की ओर बनाई जा रही 444 मेगावाट की इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बताया गया कि परियोजना की इस 3.5 किमी लंबी सुरंग में 1.8 किमी भीतर यह हादसा हुआ। तब सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का कार्य चल रहा है।
हादसा शाम करीब छह बजकर 10 मिनट पर हुआ। जिस स्थान पर मजदूर काम कर रहे थे, वहां से करीब 150 मीटर दूर हुए भूस्खलन के बाद पानी के साथ पत्थर और मलबा टनल के अंदर घुस गया, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रात करीब नौ बजे तक 13 मजदूरों को घायल अवस्था में टनल से बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया।
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि टनल में पानी के बढ़ते स्तर की वजह से बचाव एवं राहत के काम में मुश्किल आ रही थी। टनल की दूसरी छोर से पानी निकालने की कोशिश की गई। हमने डीएम चमोली से पानी की मात्रा कम करने में सहायता का अनुरोध किया था और उन्होंने सुरंग के दूसरे छोर पर छह या सात पंप लगाने की व्यवस्था की।
इससे पहले, घटना की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल राज्य आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचे सीएम धामी ने पूरे राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएमओ से भी बातचीत कर घायलों को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से गंभीर घायलों को एम्स अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है तथा उनके उपचार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उनके राज्यों के प्रत्येक प्रभावित श्रमिक और उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी आवश्यक सूचनाएं साझा की जा रही हैं।





