रुद्रपुर। कभी कंधे पर पंप टांगे खेतों में घंटों तक दवा छिड़कते किसान अब नई तकनीक की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। खेती में आधुनिक यंत्रों की बढ़ती मौजूदगी के बीच पंतनगर में आयोजित 119वें किसान मेले में दवा छिड़काव करने वाला कृषि ड्रोन किसानों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया। मेले में लगाए गए इस ड्रोन को देखने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही।
स्टाल कर्मी संजय ने बताया कि यह ड्रोन सिर्फ पांच मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव कर सकता है। पारंपरिक तरीके से यही काम करने में किसानों को आधे घंटे से भी अधिक समय लग जाता है। ड्रोन तकनीक की खासियत यह है कि यह खेत के ऊपर तय ऊंचाई पर उड़ते हुए पूरे क्षेत्र में समान रूप से दवा का छिड़काव करता है। इससे दवा की बर्बादी कम होती है और फसल को बेहतर सुरक्षा मिलती है।
किसानों को खेत में उतरकर छिड़काव करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे उनका समय और श्रम दोनों बचते हैं। स्टाल पर तैनात कर्मी ने बताया कि इसकी कीमत बाजार में करीब 10 लाख रुपये है, लेकिन प्रदेश सरकार की किसान संयंत्र योजना के तहत इसकी कीमत पर 80 प्रतिशत सब्सिडी मिलने से किसान इसको खरीद रहे हैं।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि ड्रोन तकनीक केवल छिड़काव तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से फसलों की निगरानी, खेतों का सर्वेक्षण और फसल की स्थिति का आकलन भी किया जा सकता है। इससे किसानों को समय रहते फसल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी मिल जाती है।
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Wednesday, September 30





