ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों ने आईएसबीटी परिसर स्थित उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी शहीद स्मारक भवन में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर उत्तराखंड राज्य निर्माण के पुरोधा, पूर्व कैबिनेट मंत्री, फिल्ड मार्शल स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

श्रद्धांजलि सभा में सभी वक्ताओं ने कहा कि दिवाकर भट्ट ने राज्य निर्माण की भूमिका में अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान उनका श्रीनगर के श्रीयंत्र टापू का आंदोलन हो या खैट पर्वत पर अनशन पर बैठने का निर्णय हर जगह उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर पृथक राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया था। मरते दम तक उनकी चिंता यही रहती थी कि उत्तराखंड के स्वरूप और यहां के जल, जंगल,जमीन को कैसे बचाया जा सकता है।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि उनके जो अधूरे सपने रह गए उनको किस प्रकार से पूरा किया जाए। शहीद स्मारक समिति के अध्यक्ष डी एस गुसाईं, गंभीर सिंह मेवाड़, वर सिंह बरतवाल चंदन सिंह पवार, बलबीर सिंह नेगी, सितार सिंह बिष्ट, युद्धवीर सिंह चौहान, प्रेम सिंह रावत, उमेश कंडवाल, महेंद्र सिंह, बृजेश डोभाल, महिंद्र सिंह बिष्ट, सत्य प्रकाश ज़खमोला, विशंभर दत्त डोभाल, पीतांबर दत बुडाकोटी, गुलाब सिंह रावत, जगदीश प्रसाद भट्ट, राजेंद्र कोठारी, श्रीमती उषा रावत, रविंद्र कौर, रामेश्वरी चौहान, कुसुम लता शर्मा, सरोजिनी थपलियाल, श्रुति देवी, भगवती चमोली, संपत्ति पटवाल, सुशीला भंडारी, गुड्डी डोभाल, अनीता, कुशल, सुमित्रा बिष्ट, कमला रौतेला, कमला पोखरियाल, शकुंतला कोठियाल, पुणे राणा, राजेश्वरी कंडवाल, सतेश्वरी देवी, सुशील राणा, लक्ष्मी कठैत, पुष्पा रावत सहित सैकड़ों राज्य निर्माण सेनानी मौजूद थे। सभा की अध्यक्षता श्रीमती उषा रावत तथा संचालन डी. एस. गुसाईं ने किया।




