उत्तराखंड के राशन कार्ड धारकों को तीन महीने का खाद्यान्न एक साथ मिलेगा, जिसमें मंडवे की जगह नमक वितरित किया जाएगा। यह फैसला मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया है ताकि उपभोक्ताओं और विक्रेताओं दोनों को सुविधा हो।
इससे पूर्व अप्रैल महीने में भी खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक साथ तीन माह का खाद्यान्न बंटवाया था। उस वक्त खाद्यान्न के साथ जहां मंडवे का वितरण भी हुआ था, तो इस बार मंडवे की बजाय नमक का वितरण प्रत्येक कार्ड धारक को किया जाएगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित शुल्क भी देना होगा।
गुणवत्ता को लेकर विभाग का दावा: लैब टेस्ट के बाद ही होगा वितरण
हालांकि, पूर्व में नमक की गुणवत्ता को लेकर तमाम तरह की वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद इस पर काफी विवाद भी हुआ था। परंतु इस बार विभाग की ओर से इसे पूरी तरह से शुद्ध व लैब में चेक कराकर ही वितरण कराए जाने की बात कही जा रही है।
मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया फैसला
पूर्व में जहां वैश्विक स्तर पर मची उथल-पुथल को तीन माह का खाद्यान्न एक साथ वितरण करने का कारण माना जा रहा था, तो वहीं वर्तमान में मानसून सीजन को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। इससे राशन कार्ड धारकों को एक बार में ही तीन माह का खाद्यान्न उपलब्ध हो पाएगा, वहीं विक्रेताओं को भी बार-बार राशन वितरण करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
दुकानों में जगह की कमी को देखते हुए गोदामों से ऐसे होगा उठान
वितरण व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए विभाग की ओर से सभी खाद्य गोदामों में राशन की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई है। राशन की दुकानें छोटी होने के कारण विक्रेताओं को तीन माह का खाद्यान्न एक साथ देने की बजाय, गोदाम से एक-एक माह का खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। विक्रेता अपनी दुकानों से उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का खाद्यान्न वितरित कर, फिर अगले महीने का खाद्यान्न उठा पाएंगे। इससे उन्हें दुकान में खाद्यान्न रखने की परेशानी नहीं उठानी होगी।




