राजधानी से ऋषिकेश तक चला अभियान, नियम तोड़ने वालों को स्पष्ट संदेश—बिना अनुमति निर्माण बर्दाश्त नहीं
देहरादून में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में शहरी विकास और नियोजित विकास की दिशा में चल रही कार्रवाई के तहत बुधवार को प्राधिकरण ने देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया, जबकि तीन अवैध निर्माणों को सील कर दिया। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं और भूमाफियाओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
सेक्टरवार टीमें चला रही हैं लगातार अभियान
एमडीडीए की ओर से गठित सेक्टरवार प्रवर्तन टीमें प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चला रही हैं। प्राधिकरण को विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृति निर्माण और अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद मौके पर निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। बुधवार को की गई कार्रवाई में नया हाईवे स्थित सुमेरू विहार के निकट कुलदीप रावत द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई जा रही सड़क, सीमांकन और अन्य विकास कार्यों को जेसीबी की मदद से हटाया।
देहरादून और ऋषिकेश में तीन निर्माण सील
कार्रवाई के दूसरे चरण में चुक्खुवाल पोस्ट ऑफिस के पीछे राजेश्वरी भट्ट द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माण को सील कर दिया गया। इसके अलावा ऋषिकेश के हरिपुर कला क्षेत्र में भी दो अलग-अलग स्थानों पर बिना स्वीकृति निर्माण पाए गए।
आदित्य नाथ अखाड़े के सामने आदित्य मित्तल द्वारा किए जा रहे निर्माण तथा गोडविन स्कूल के निकट धीरेन्द्र परिहार द्वारा किए जा रहे निर्माण को भी एमडीडीए की टीम ने सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
शहर के सुनियोजित विकास के लिए जरूरी कार्रवाई
तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच अवैध प्लॉटिंग और अनियोजित निर्माण राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे निर्माण भविष्य में यातायात, सीवर, पेयजल, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं। यही वजह है कि एमडीडीए शहर के सुनियोजित विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार प्रवर्तन अभियान चला रहा है।

चार बड़ी कार्रवाइयां एक दिन में
1- सुमेरू विहार नया हाईवे के निकट 10 बीघा में विकसित हो रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
2- चुक्खुवाल पोस्ट ऑफिस के पीछे अवैध निर्माण सील।
3- हरिपुर कला ऋषिकेश में आदित्य नाथ अखाड़े के सामने अवैध निर्माण सील।
4- गोडविन स्कूल के निकट हरिपुर कला में अवैध निर्माण सील।
लगातार हो रही कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि एमडीडीए अब अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रहा है और आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर और बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
अवैध निर्माण करने वालों को नहीं मिलेगी कोई राहत- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। जो लोग बिना अनुमति निर्माण या प्लॉटिंग कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी किसी भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच करने की अपील की।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमें नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण अथवा अवैध प्लॉटिंग की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी मामलों में नियमानुसार नोटिस, निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है तथा भविष्य में भी यह अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।





