ऋषिकेश। कृषि उत्पादन मंडी समिति ऋषिकेश में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक मंडी परिसर की बिल्डिंग पर लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने अपनी मांगें पूरी होने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और मंडी समिति के अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए उससे लगातार बातचीत की।
जानकारी के अनुसार, हरीश पांडे नामक युवक सोमवार सुबह करीब 9 बजे कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर पहुंचा था। कुछ देर बाद वह मंडी भवन पर लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर चढ़ा देख मंडी समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
अधिक किराया व लाइसेंस के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
टावर पर चढ़े युवक ने बातचीत के दौरान मंडी समिति की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए। युवक का कहना है कि वह लंबे समय से मंडी परिसर में काम कर रहा है और अधिक किराये के कारण उसे कारोबार संचालित करने में परेशानी हो रही है।
युवक ने मंडी परिसर में अधिक किराया वसूले जाने का आरोप लगाने के साथ ही लाइसेंस बनवाने के नाम पर पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया। उसका कहना था कि मंडी समिति की कथित अनियमितताओं और अपनी समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उसने यह कदम उठाया।
हालांकि, युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पार्षद ने भी उठाए मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल
मामले में पार्षद रामकुमार संगर ने भी मंडी समिति की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने युवक की ओर से लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
पार्षद ने आरोप लगाया कि शिकायतें किए जाने के बावजूद कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कुछ अधिकारियों के लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात रहने को लेकर भी सवाल उठाए।
मंडी समिति ने कहा- युवक पंजीकृत व्यापारी या पल्लेदार नहीं
वहीं कृषि उत्पादन मंडी समिति के सहायक चंद्रशेखर ने कहा कि युवक के टावर पर चढ़ने के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि युवक की ओर से अपनी मांगों को लेकर मंडी समिति को पहले कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई थी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवक मंडी समिति परिसर का पंजीकृत व्यापारी नहीं है और न ही पल्लेदार के रूप में पंजीकृत है।
सहायक चंद्रशेखर के मुताबिक, युवक लगातार मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहा था। उन्होंने संभावना जताई कि युवक किसी के कहने या बहकावे में आकर टावर पर चढ़ा हो सकता है।
पुलिस ने बातचीत के जरिए नीचे उतारने का किया प्रयास
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने युवक से लगातार बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया। घटना के चलते मंडी परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
फिलहाल युवक द्वारा लगाए गए आरोपों और मंडी समिति के पक्ष के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रहे हैं।




