
दिल्ली के साथ साथ मुम्बई में भी हाई एलर्ट, गृहमंत्री ने दिये जांच के आदेश, दो संदिग्ध पुलिस की हिरासत में
दिल्ली। रविवार को 300 किलो आरडीएक्स और खतरनाक जहर की बरामदगी के अगले ही दिन दिल्ली में लाल किले के सामने जबरदस्त ब्लास्ट से अब तक 13 की लोगों की मौत और 30 के घायल होने की पुष्टि हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों की स्थिति भी बेहद गंभीर बताई जा रही है। धमाके के बाद दिल्ली सहित मुंबई, लखनऊ, पटना सहित देश के कई बड़े शहरों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
कश्मीरी डॉक्टर के टेरर मॉड्यूल के द्वारा देश को दहलाने की बड़ी साजिश के तहत राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद में रविवार को 2900 किलो विस्फोटक, 20 टाइमर, वॉकी टॉकी, असॉल्ट रायफलें सहित कई अत्याधुनिक हथियार बरामद होने और गुजरात ATS के अहमदाबाद और बनासकांठा जिले से तीन आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली में लाल किले के सामने मेट्रो स्टेशन के समय जबरदस्त ब्लास्ट से अब तक 13 की लोगों की मौत और 30 के घायल होने की पुष्टि हुई है। एलएनजेपी अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों की स्थिति भी बेहद गंभीर बताई जा रही है। विस्फोट की तीव्रता इतनी तेज थी कि चार किलोमीटर तक धमाके की गूंज सुनाई थी। विस्फोट में चपेट में आने से आसपास से गुजरने वाली छह गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए तो 20 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार धमाका एक इको वैन में हुआ, जिससे आसपास खड़ी तीन गाड़ियों में आग लग गई और इलाके में भगदड़ मच गई। फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एनआईए और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर मौजूद हैं और इलाके की गहन जांच कर रही हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञ भी साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। पुलिस ने लाल किला और आसपास के इलाकों को सील कर दिया है। धमाके की प्रकृति और इसके पीछे किसी आतंकी साजिश की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियां हर एंगल से सुराग तलाश रही हैं। दिल्ली में इस वक्त हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर सतीश गोलचा ने बताया कि शाम छह बजकर 52 मिनट पर एक गाड़ी रेडलाइट पर आकर रुकी, उसमें अचानक ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट के वक्त लोग उसमें ही थे। इस ब्लास्ट से आसपास की गाड़ियों में भी ब्लास्ट हुआ। जांच टीमें मौके पर हैं, उन्होंने बताया कि उसी गाड़ी में ब्लास्ट हुआ और विस्फोट के कारण आस-पास के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
दिल्ली में धमाकों की क्रोनोलॉजी
25 मई 1996: लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में बम विस्फोट — कम-से-कम 16 लोगों की मृत्यु।
1 अक्टूबर 1997: सदर बाजार के पास दो बम विस्फोट — लगभग 30 घायल।
10 अक्टूबर 1997: शांतिवन, कौड़िया पुल एवं किंग्सवे कैंप इलाकों में तीन विस्फोट — 1 की मृत्यु, लगभग 16 घायल।
18 अक्टूबर 1997: रानी बाग मार्केट में जुड़वां विस्फोट — 1 की मृत्यु, लगभग 23 घायल।
26 अक्टूबर 1997: करोल बाग मार्केट में दो विस्फोट — 1 मृत, लगभग 34 घायल।
30 नवंबर 1997: रेड फोर्ट क्षेत्र में जुड़वां विस्फोट — 3 की मृत्यु, 70 घायल।
30 दिसंबर 1997: पंजाबी बाग के पास बस में विस्फोट — 4 मरे, लगभग 30 घायल।
18 जून 2000: रेड फोर्ट के निकट दो शक्तिशाली विस्फोट — 2 की मृत्यु, लगभग दर्जनभर घायल।
16 मार्च 2000: सदर बाजार में विस्फोट — 7 घायल।
27 फरवरी 2000: पहाड़गंज में विस्फोट — 8 घायल।
14 अप्रैल 2006: जामा मस्जिद प्रांगण में दो विस्फोट — कम-से-कम 14 घायल।
22 मई 2005: लिबर्टी एवं सत्यं सिनेमा हॉल में दो विस्फोट — 1 की मृत्यु, लगभग 60 घायल।
29 अक्तूबर 2005: सरोजिनी नगर, पहाड़गंज व गोविंदपुरी में तीन विस्फोट — लगभग 59-62 मरे, 100+ घायल।
13 सितंबर 2008: करोल बाग (गफ्फार मार्केट), कनॉट प्लेस व ग्रेटर कैलाश-I में पांच समन्वित विस्फोट — कम से कम 20-30 मरे, 90+ घायल।
27 सितंबर 2008: मेहरौली के फ्लावर मार्केट (सराय) में विस्फोट — 3 की मृत्यु, 23 घायल।
25 मई 2011: दिल्ली हाई कोर्ट पार्किंग में विस्फोट — कोई मृत्यु नहीं।





