पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह ने सरकार की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर उठाये सवाल
देहरादून। आईटी पार्क की जमीन को प्राइवेट बिल्डर को 90 साल की लीज पर आबंटित किये जाने के राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ कांग्रेसियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्य सचिव से मिलकर सरकार से इस निर्णय की तत्काल समीक्षा कर हस्तक्षेप करने की मांग की है।
आईटी पार्क की जमीन को एक प्राइवेट बिल्डर को 90 साल की लीज पर आबंटित किये जाने के राज्य सरकार के निर्णय से कांग्रेसियों का पारा सातवें आसमान पर है। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेसियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्य सचिव से मिलकर इस निर्णय की तत्काल समीक्षा कर सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। वरिष्ठ कांग्रेसजनों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार को देहरादून आईटी पार्क की जमीन को प्राइवेट बिल्डर को 90 साल की लीज पर आबंटित किये जाने के सरकार के निर्णय के खिलाफ ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव को देहरादून स्थित आईटी पार्क के दो भूखंडों के 90 साल की लीज़ पर आरसीसी डेवलपर को आबंटित किये जाने के निर्णय को युवाओं और आईटी उद्योग के हित के खिलाफ बताते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि आईटी पार्क का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार सृजन और आईटी एवं सॉफ्टवेयर उद्योग को बढ़ावा देना था। लेकिन वर्तमान आवंटन निर्णय में सरकारी भूमि का रियल एस्टेट विकास के लिए इस्तेमाल किया जाना इस उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है। विशेष रूप से, दोनों भूखंड (आर-1 = 4 एकड़, आर-2 = 1.5 एकड़) केवल आरसीसी डेवलपर के पक्ष में दिए गए, जिससे राज्य सरकार की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी द्वारा सिडकुल की स्थापना का उद्देश्य वास्तविक औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन था। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आईटी पार्क का उद्देश्य केवल रियल एस्टेट निर्माण न बने, बल्कि वास्तविक उद्योग और रोजगार बढ़ाने वाला केंद्र बने। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस निर्णय की तत्काल समीक्षा कर हस्तक्षेप करें। युवाओं के रोजगार और राज्य के हित को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है। असफल और गलत नीतियों से युवाओं के भविष्य को खतरे में डालना स्वीकार्य नहीं है। इस मामले से राज्य में IT पार्क भूमि आवंटन की पारदर्शिता और सरकारी नीतियां सवालों के घेरे में हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, अजय सिंह और मोंटी रतूड़ी भी मौजूद रहे।





